मूल श्लोक
किरीटिनं गदिनं चक्रहस्तमिच्छामि त्वां द्रष्टुमहं तथैव ।तेनैव रूपेण चतुर्भुजेन सहस्रबाहो भव विश्वमूर्ते ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
kirīṭinaṃ gadinaṃ cakrahastamicchāmi tvāṃ draṣṭumahaṃ tathaiva tenaiva rūpeṇa caturbhujena sahasrabāho bhava viśvamūrte
अनुवाद
मैं पहले के समान ही किरीट और गदा धारण करनेवाले, हाथ में चक्र लिए हुए तुमको देखना चाहता हूँ; (अतएव) हे सहस्रबाहु, विश्वमूर्ति! उसी चतुर्भुज रूप से प्रगट हो जाओ!