मूल श्लोक
अर्जुन उवाच ।मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसंज्ञितम् ।यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
arjuna uvāca madanugrahāya paramaṃ guhyamadhyātmasaṃjñitam yattvayoktaṃ vacastena moho'yaṃ vigato mama
अनुवाद
अर्जुन ने कहा: मुझ पर अनुग्रह करने के लिए तुमने अध्यात्म-संज्ञक जो परम गुप्त बात बतलाई, उससे मेरा यह मोह जाता रहा।