मूल श्लोक
उच्चैःश्रवसमश्वानां विद्धि माममृतोद्भवम् ।ऐरावतं गजेन्द्राणां नराणां च नराधिपम् ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
uccaiḥśravasamaśvānāṃ viddhi māmamṛtodbhavam airāvataṃ gajendrāṇāṃ narāṇāṃ ca narādhipam
अनुवाद
घोड़ों में (अमृत-मंथन के समय निकला हुआ) उच्चैःश्रवा मुझे समझो। मैं गजेन्द्रों में ऐरावत, और मनुष्यों में राजा हूँ।