भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता १०.१ ·

English

मूल श्लोक

श्रीभगवानुवाच ।भूय एव महाबाहो शृणु मे परमं वचः ।यत्तेऽहं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

śrībhagavānuvāca bhūya eva mahābāho śṛṇu me paramaṃ vacaḥ yatte'haṃ prīyamāṇāya vakṣyāmi hitakāmyayā

१०.१अध्याय १० · विभूतियोग४२ में से श्लोक १

अनुवाद

श्रीभगवान ने कहा: हे महाबाहु! (मेरे भाषण से) सन्तुष्ट होनेवाले तुझसे तेरे हितार्थ मैं फिर (एक अच्छी) बात कहता हूँ, उसे सुन।

— Lokmanya Tilak

अध्याय १०, श्लोक १०.१