भगवद्गीता

श्रीमद्भगवद्गीता १.८ ·

English

मूल श्लोक

भवान्भीष्मश्च कर्णश्च कृपश्च समितिञ्जयः ।अश्वत्थामा विकर्णश्च सौमदत्तिस्तथैव च ॥

लिप्यंतरण (रोमन)

bhavānbhīṣmaśca karṇaśca kṛpaśca samitiñjayaḥ aśvatthāmā vikarṇaśca saumadattistathaiva ca

१.८अध्याय १ · अर्जुनविषादयोग४७ में से श्लोक ८

अनुवाद

आप और भीष्म, कर्ण और रणजीत कृप, अश्वत्थामा और विकर्ण (दुर्योधन के सौ भाइयों में से एक), तथा सोमदत्त का पुत्र (भूरिश्रवा),

— Lokmanya Tilak

अध्याय १, श्लोक १.८