मूल श्लोक
युधामन्युश्च विक्रान्त उत्तमौजाश्च वीर्यवान् ।सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
yudhāmanyuśca vikrānta uttamaujāśca vīryavān saubhadro draupadeyāśca sarva eva mahārathāḥ
अनुवाद
इसी प्रकार पराक्रमी युधामन्यु और वीर्यशाली उत्तमौजा, एवं सुभद्रा के पुत्र (अभिमन्यु), तथा द्रौपदी के (पाँच) पुत्र – ये सभी महारथी हैं।
टिप्पणी
दस हजार धनुर्धारी योद्धाओं के साथ अकेले युद्ध करनेवाले को महारथी करते है। दोनों ओर की सेनाओं में जो रथी, महारथी अथवा अति-रथी थे, उनका वर्णन उद्योगपर्व (164 से 171 तक) आठ अध्यायों में किया गया है। वहाँ बतला दिया है कि धृष्टकेतु शिशुपाल का बेटा था। इसी प्रकार पुरुजित कुन्तिभोज, ये दो भिन्न-भिन्न पुरुषों के नाम नहीं है। जिस कुन्तिभोज राजा को कुन्ती गोद दी गई थी, पुरुजित उनका औरस पुत्र था और कुन्तिभोज अर्जुन का मामा था। (मभा॰ उ॰171.2)। युधामन्यु और उत्तमौजा, दोनो पांचाल्य थे, और चेकितान एक यादव था। युधामन्यु और उत्तमौजा दोनो अर्जुन के चक्ररक्षक थे। शैब्य शिबी देश का राजा था।
— Lokmanya Tilak