मूल श्लोक
अहो बत महत्पापं कर्तुं व्यवसिता वयम् ।यद्राज्यसुखलोभेन हन्तुं स्वजनमुद्यताः ॥
लिप्यंतरण (रोमन)
aho bata mahatpāpaṃ kartuṃ vyavasitā vayam yadrājyasukhalobhena hantuṃ svajanamudyatāḥ
अनुवाद
देखो तो सही! हम राज्य-सुख-लोभ से स्वजनों को मारने के लिए उद्यत हुए हैं, (सचमुच) यह हमने एक बड़ा पाप करने की योजना की है!